इंटरमीडिएट में किसी स्टूडेंट ने आट्र्स, साइंस या फिर कॉमर्स में से चाहे जो भी स्ट्रीम चुनी हो, पर इसके बाद आमतौर पर उसके पास दो मुख्य विकल्प होते हैं। एकेडमिक्स व प्रोफेशनल कोर्स। अब कोई स्टूडेंट इन दो विकल्पों में से किसका चयन करता है, यह कॅरियर को लेकर उसकी प्रायॉरिटीज, कोर-कॉम्पीटेंसीज, स्किल्स, रुचि और उसके लक्ष्य पर निर्भर करता है।

एकेडमिक्स
कन्वेंशनल अंडरग्रेजुएट कोर्स की बात करें, तो स्टूडेंट्स पीसीएम या जेडबीसी ग्रुप से बीएससी कर सकते हैं। वहीं कुछ अलग करने की चाह हो, तो स्टूडेंट्स को साइंस की किसी स्पेशलाइज्ड ब्रांच से अंडरग्रेजुएट कोर्स करना चाहिए। ऐसे कोर्सेज रिसर्च में हेल्पफुल होते हैं।

प्रोफेशनल कोर्सेज
इंजीनियर या डॉक्टर बनने के लिए साइंस स्ट्रीम ली है, तो जेईई मेन्स व नीट एग्जाम सहित दूसरे इंजीनियरिंग व मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम्स दें। इसके अलावा पैरामेडिकल कोर्सेज या फिर कंप्यूटर एप्लिकेशन्स से रिलेटेड कोर्सेज करके इस फील्ड से जुड़ सकते हैं।

ह्यूमैनिटीज
ह्यूमैनिटीज में आप कितने सक्सेसफुल होते हैं, यह आपके द्वारा चुने हुए सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन पर डिपेंड करता है। आप चाहें तो ग्रेजुएशन के बाद अपने टैलेंट या स्किल्स के मुताबिक प्रोफेशनल कोर्स में मास्टर्स भी कर सकते हैं।

कॉमर्स
कॉमर्स एक ऐसी स्ट्रीम है, जिसके एकेडमिक और प्रोफेशनल दोनों ही कोर्सेज के फ्यूचर प्रॉस्पेक्ट्स बेहतरीन हैं। यही नहीं, इसमें स्टूडेंट्स एकेडमिक कोर्स करने के साथ-साथ प्रोफेशनल कोर्स भी कर सकते हैं।

>Source PATRIKA

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